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लेनिन और पेरियार कौन हैं कहाँ कहाँ मूर्तियां तोड़ी गयीं

लेनिन और पेरियार कौन हैं कहाँ कहाँ मूर्तियां तोड़ी गयीं

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पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव में वामदल (सीपीएम) की हार के बाद राजधानी अगरतला से महज़ 90 किलोमीटर दूर बेलोनिया के सेंटर ऑफ़ कॉलेज स्कॉयर में रूसी क्रांति के नायक और वामदल विचारधारा के प्रतीक व्लादिमीर लेनिन की मूर्ति को ‘भारत माता की जय’ नारे लगाती भीड़ ने जेसीबी मशीन से गिरा दिया गया।

इस घटना के बाद से देश के कई इलाकों से मूर्तियों के तोड़े जाने या उन्हें नुकसान पहुंचाए जाने की ख़बर सामने आ रही है।

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ताज़ा मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ का है जहां भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाये जाने की ख़बर है।

पेरियार की मूर्ति तोड़ी गयी

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इसके बाद तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की रिपोर्ट मिली।

पुलिस अधीक्षक पगलवन ने बताया कि रात नौ बजे के करीब पुलिस को जानकारी मिली कि वेल्लूर के तिरुपत्तूर तालुका में दो लोग पेरियार की मूर्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। मूर्ति के चेहरे को हथोड़े की चोट से तोड़ दिया गया था।

पुलिस अधीक्षक के मुताबिक इन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया है। इनमें से एक का नाम मुरुगानंदम है। वो वेल्लूर में बीजेपी के शहर महासचिव हैं। दूसरे व्यक्ति का नाम फ्रांसिस है और वो कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता हैं।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ती भी तोड़ी गयी

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इसके बाद बुधवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की एक मूर्ति के साथ छेड़छाड़ की गई है।

हिंदू विचारक माने जाने वाले श्यामा प्रसाद की ये मूर्ति केयोरताला में है जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया था।

मूर्ति की भौं के एक हिस्से को हथौड़ो से तोड़ने की कोशिश की गई है जबकि पूरे चेहरे पर स्याही फेंकी गई है।

पेरियार कौन है

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इरोड वेंकट नायकर रामासामी का जन्म 17 सितम्बर, 1879 को हुआ था। जिन्हे पेरियार (तमिल में अर्थ -सम्मानित व्यक्ति) नाम से भी जाना जाता था, बीसवीं सदी के तमिलनाडु के एक प्रमुख राजनेता थे। इन्होंने जस्टिस पार्टी का गठन किया जिसका सिद्धान्त रुढ़िवादी हिन्दुत्व का विरोध था। हिन्दी के अनिवार्य शिक्षण का भी उन्होंने घोर विरोध किया। पेरियार इस देश के इतिहास के आधुनिक युग में विज्ञान बोध और तार्किकता के एक ऐसे क्रांतिकारी विचारक थे, जिन्होंने समाज के दलित पिछड़े समुदाय को सम्मान से जीने और समाज में बराबर के अधिकार पाने का रास्ता सफलतापूर्वक दिखाया।

लेनिन कौन है

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व्लादिमीर इलीइच उल्यानोव, जिन्हें लेनिन के नाम से भी जाना जाता है, लेनिन एक रूसी साम्यवादी क्रान्तिकारी, राजनीतिज्ञ तथा राजनीतिक सिद्धांतकार थे। लेनिन को रूस में बोल्शेविक क्रांति के नेता के रूप में व्यापक पहचान मिली। वह 1917 से 1924 तक सोवियत रूस के, और 1922 से 1924 तक सोवियत संघ के भी “हेड ऑफ़ गवर्नमेंट” रहे। उनके प्रशासन काल में रूस, और उसके बाद व्यापक सोवियत संघ भी, रूसी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा नियंत्रित एक-पक्ष साम्यवादी राज्य बन गया। लेनिन विचारधारा से मार्क्सवादी थे, और उन्होंने लेनिनवाद नाम से प्रचलित राजनीतिक सिद्धांत विकसित किए।

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