TimesSpeak.com

Welcome To The World Of News Articles

Times speak
Bollywood Gajab Facts Latest News

जयपुर की सड़क पर पापड बेचते दिखा ये सुपरस्टार

जयपुर की सड़क पर पापड बेचते दिखा ये सुपरस्टार

Times speak
Third party image reference

बॉलीवुड में कई लोग एक्टर बनने का ख्वाब लेकर आते हैं। और स्ट्रगल करते हैं। बॉलीवुड ने कई लोगों को शोहरत दी तो कई लोगों को नापसंद कर दिया। आजकल ऋतिक रोशन की कुछ फोटोज सामने आई हैं, जिनमें वे पापड़ बेचते नजर आ रहे हैं। फोटोज कुछ दिनों पहले जयपुर से करीब 90 किमी. दूर सांभर रोड पर क्लिक की गई हैं। वे वहां अपकमिंग फिल्म ‘सुपर 30’ की शूटिंग कर रहे थे, जिसमें वे सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार की भूमिका में नजर आएंगे। ऋतिक किरदार में इस कदर घुस गए हैं कि शूटिंग के दौरान उन्हें पहचान पाना भी मुश्किल हो रहा था।

Times speak
Third party image reference

ऋतिक रोशन की अगली फिल्म ‘सुपर 30’ उनके करियर में एक अंक और जोड़ने के लिए तैयार है. अभिनेता फिल्म में एक शिक्षक की भूमिका निभाएंगे। यह एक बॉयोपिक फिल्म होगी, जिसमें सुपरस्टार को गणित के जादूगर आनंद कुमार की भूमिका में दिखाया जाएगा। हाल ही में आई खबर के अनुसार कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा उन अभिनेताओं की तलाश में हैं, जो फिल्म में ऋतिक के छात्रों की भूमिका निभा सके। फिल्म में ये छात्र आईआईटी जेईई यानी इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) के प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे होंगे। फिल्म निर्माता विकास बहल और कास्टिंग निर्देशक मुकेश छाबरा ने संभावित अभिनेताओं की सूची को 15,000 से 78 तक सीमित कर दी है और वर्तमान में गणित पर आधारित उनकी आगामी बायोपिक के लिए वह कार्यशालाएं आयोजित कर रहे है।

सुपर 30 क्या है?

Times speak
Third party image reference

सुपर-30, बिहार की राजधानी पटना स्थित आईआईटी में प्रवेश के लिये एक अनूठा प्रशिक्षण संस्थान (कोचिंग इन्स्टीट्यूट) है। इसकी विशेषता है कि इसमें नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है और समाज के गरीब एवं पिछड़े विद्यार्थियों को इसमें प्रशिक्षण के लिये चुना जाता है। नि:शुल्क होने एवं पिछड़े बच्चों को लेने के बावजूद भी यह संस्थान प्रतिवर्ष लगभग 30 बच्चों को आईआईटी में प्रवेश-पात्रता (क्वालिफाई) दिलाने में सक्षम होता आया है।

प्रतिवर्ष यह इंस्टीयूट गरीब परिवारों के 30 प्रतिभावान बच्चों का चयन करती है और फिर उन्हें बिना शुल्क के आईआईटी की तैयारी करवाती है। इंस्टीयूट इन बच्चों के खाने और रहने का इंतजाम भी बिना कोई शुल्क करती है। इंस्टीयूट केवल 30 बच्चों का चयन करती है और इसी आधार पर इसे सुपर 30 नाम दिया गया था।

सुपर 30 इंस्टीट्यूट की शुरुआत सन 2003 में हुई थी। इस वर्ष सुपर 30 के 30 में से 18 विद्यार्थी आईआईटी में सफल हुए थे। 2004 में यह संख्या 22 और सन 2005 में यह 26 हो गई। 2017 में सभी 30 छात्र सफल रहे।

श्री आनन्द कुमार इसके जन्मदाता एवं कर्ता-धर्ता है। आनंद कुमार रामानुज स्कूल ऑफ मैथेमेटिक्स नामक संस्थान का भी संचालन करते हैं। सुपर-30 को इस गणित संस्थान से होने वाली आमदनी से चलाया जाता है। उल्लेखनीय है कि पिछले साल पूर्व जापानी ब्यूटी क्वीन और अभिनेत्री नोरिका फूजिवारा ने सुपर 30 इंस्टीट्यूट पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म भी बनाई थी।

आनंद शर्मा कौन है

Times speak
Third party image reference

श्री आनन्द कुमार बिहार के जाने-माने शिक्षक एवं विद्वान हैं। बिहार की राजधानी पटना में सुपर-30 नामक आईआईटी कोचिंग संस्थान के जन्मदाता एवं कर्ता-धर्ता है। वह रामानुज स्कूल ऑफ मैथेमेटिक्स नामक संस्थान का भी संचालन करते हैं। आनंद कुमार सुपर-30 को इस गणित संस्थान से होने वाली आमदनी से चलाया जाता है। आनन्द कुमार की प्रसिद्धि सुपर-30 की अद्वितीय सफलता के लिए है। वर्ष 2009 में पूर्व जापानी ब्यूटी क्वीन और अभिनेत्री नोरिका फूजिवारा ने सुपर 30 इंस्टीट्यूट पर एक डाक्यूमेंट्री फिल्म भी बनाई थी। इसी वर्ष नेशनल जियोग्राफिक चैनल द्वारा भी आनंद कुमार के सुपर 30 का सफल संचालन एवं नेतृत्व पर डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाई गई थी।

कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से आया था बुलावा, जा नहीं सके

Times speak
Third party image reference

बिहार के पटना से ताल्लुक रखने वाले आनंद कुमार के पिता पोस्टल डिपार्टमेंट में क्लर्क की नौकरी करते थे। घर की माली हालत अच्छी न होने की वजह से उनकी पढ़ाई हिंदी मीडियम सरकारी स्कूल में हुई जहां गणित के लिए लगाव हुआ था। यहां उन्होंने खुद से मैथ्स के नए फॉर्मुले ईजाद किए। ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने नंबर थ्योरी में पेपर सब्मिट किए जो मैथेमेटिकल स्पेक्ट्रम और मैथेमेटिकल गैजेट में पब्लिश हुए। इसके बाद आनंद कुमार को प्रख्यात कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से एडमीशन के लिए बुलाया गया लेकिन पिता की मृत्यु और तंग आर्थिक हालत के चलते उनका सपना साकार नहीं हो सका।

दिन में पढ़ाते थे रात में पापड़ बेचते थे

Times speak
Third party image reference

पिता के जाने के बाद सारा दारोमदार आनंद पर ही था। उस दौरान उन्होंने रामानुजम स्कूल ऑफ मैथेमैटिक्स नाम का एक क्लब खोला था। यहां वे अपने प्रोफेसर की मदद से मैथ के छात्रों को ट्रेनिंग दिलाते थे और एक भी पैसा नहीं लेते थे। दिन में वह क्लब में पढ़ाते और शाम को अपनी मां के साथ पापड़ बेचा करते थे।

आनंद जब रामानुजम स्कूल ऑफ मैथेमैटिक्स में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराना शुरू कर दिया था। दो बच्चों से अब वहां आने वले स्टूडेंट्स की संख्या 500 तक हो गई थी। एक दिन एक लड़के ने आनंद से कहा कि सर हम गरीब हैं अगर हमारे पास फीस ही नहीं है तो देश के अच्छे कॉलेजों में पढ़ सकते हैं और तब जाकर 2002 में आनंद ने सुपर 30 की नींव रखीं।

डिस्कवरी बना चुका है डॉक्युमेंट्री

Times speak
Third party image reference

डिस्कवरी चैनल ने आनंद कुमार पर एक डाक्यूमेंट्री भी बनाई है। अमेरिकी अखबार न्यूयार्क टाइम्स में भी इनकी बायोग्राफी प्रकाशित हो चुकी है। आनंद कुमार को प्रो यशवंतराव केलकर पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका हैं। आनंद कुमार को बिहार गवर्नमेंट ने अब्दुल कलाम आजाद शिक्षा अवार्ड से भी नवाजा है।

आनंद लिखते हैं कि आंसुओं से नज़रें चुराकर हंसने का हुनर देखना है तो सुपर 30 के आंगन में एक बार आइएगा जरूर।

उम्मीद है आपको हमारी जानकारी पसंद आई होगी। अगर आपको हमारी जानकारी पसंद आई तो अपना कमेंट करें और अपने दोस्तों से जरूर शेयर करें। और अगर आप किसी भी जानकारी को लेकर अपना कीमती सुझाव देना चाहते हैं तो हमें ईमेल करें।

LEAVE A RESPONSE

Your email address will not be published.